| दिलीप कुमार - Dilip Kumar आज की रात मेरे दिल की सलामी ले ले मोहम्मद रफी, शकिल बदायुनी, नौशाद,राम और शाम (1967)
अपनी आझादी को हम हरगीज मिटा सकते नहीं मोहम्मद रफी, शकिल बदायुनी, नौशाद,लीडर (1964)
दिल तडप तडप के कह रहा हैं आ भी जा लता - मुकेश, शैलेन्द्र, सलील चौधरी,मधुमती (1958)
एक शहनशाह ने बनवा के हसीं ताजमहल लता - रफी, नौशाद,लीडर (1964)
हम ही से मोहोब्बत, हम ही से लडाई मोहम्मद रफी, शकिल बदायुनी, नौशाद,लीडर (1964)
माँग के साथ तुम्हारा मैने माँग लिया संसार आशा - रफी, साहिर लुधियानवी, ओ. पी. नय्यर,नया दौर (1957)
सुहाना सफर और ये मौसम हसीं मुकेश, शैलेन्द्र, सलील चौधरी,मधुमती (1958)
सुख के सब साथी, दुख में ना कोई मोहम्मद रफी, राजेन्द्र कृष्ण, कल्याणजी आनंदजी,गोपी (1970)
तेरे हुस्न की क्या तारीफ करु, कुछ कहते हुए भी डरता हूँ लता - रफी, शकिल बदायुनी, नौशाद,लीडर (1964)
तेरी महफिल में किस्मत आजमांकर हम भी देखेंगे लता - शमशाद बेगम, नौशाद,मुगल-ए-आझम (1960)
टूटे हुए ख्वाबों ने हम को ये सिखाया है मोहम्मद रफी, शैलेन्द्र, सलील चौधरी,मधुमती (1958)
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