| मनोज कुमार - Manoj Kumar भरी दुनियाँ में आखिर दिल को समझाने कहा जाए मोहम्मद रफी, शकिल बदायुनी, रवी,दो बदन (1966)
चाँद सी मेहबूबा हो मेरी कब ऐसा मैने सोचा था मुकेश, आनंद बक्षी, कल्याणजी आनंदजी,हिमालय की गोद में (1965)
एक प्यार का नग्मा है, मौजो की रवानी है लता - मुकेश, संतोष आनंद, लक्ष्मीकांत प्यारेलाल,शोर (1972)
हैं प्रीत जहा की रीत सदा, मैं गीत वहा के गाता हूँ महेंद्र कपूर, इंदिवर, कल्याणजी आनंदजी,पूरब और पश्चिम (1970)
कोई जब तुम्हारा हृदय तोड दे मुकेश, इंदिवर, कल्याणजी आनंदजी,पूरब और पश्चिम (1970)
मैं तो एक ख्वाब हूँ, इस ख्वाब से तू प्यार ना कर मुकेश, कमार जलालाबादी, कल्याणजी आनंदजी,हिमालय की गोद में (1965)
मेहबूब मेरे, मेहबूब मेरे लता - मुकेश, मजरुह सुलतानपुरी, लक्ष्मीकांत प्यारेलाल,पत्थर के सनम (1967)
मेरे देश की धरती सोन उगले, उगले हिरे मोती महेंद्र कपूर, गुलशन बावरा, कल्याणजी आनंदजी,उपकार (1967)
नसिब में जिस के जो लिखा था मोहम्मद रफी, शकिल बदायुनी, रवी,दो बदन (1966)
पत्थर के सनम, तुझे हम ने मोहब्बत का खुदा जाना मोहम्मद रफी, मजरुह सुलतानपुरी, लक्ष्मीकांत प्यारेलाल,पत्थर के सनम (1967)
रहा गर्दिशों में हरदम, मेरे इश्क का सितारा मोहम्मद रफी, शकिल बदायुनी, रवी,दो बदन (1966)
तेरी याद दिल से भूलाने चला हूँ मुकेश, हसरत जयपुरी, शंकर जयकिशन,हरियाली और रास्ता (1962)
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