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सुना, सुना, लम्हा, लम्हा, मेरी राहें, तनहा, तनहा
आकर मुझे तुम थाम लो, मंजिल तेरी देखे रस्ता
मूड के जरा अब देख लो, ऐसा मिलन फिर हो ना हो
सबकुछ मेरा तुम ही तो हो
बेपनाह प्यार हैं, आ जा, तेरा इंतजार हैं, आ जा
बिछडेभी हम जो कभी रास्तों में तो संग संग रहूँगी सदा
कदमों की आवाज सुन के चलूँगी तुम्हे ढ़ूँढ़ लूँगी सदा
भूली मोहोब्बत की ये खूशबूँए हैं हवाओं में फैली हुई
छूकर मुझे आज महसूस कर लो, वो यादें मेरी अनछुई
ऐसा मिलन फिर हो ना हो, सबकुछ मेरा तुम ही तो हो
यादों के धागों में हमतुम बंधे हैं, जरा डोर तुम थाम लो
बाहों में फिर से पिघल जाने दो मुझ को फिर से मेरा नाम लो
मैं वो शमा हूँ जो रोशन तुम्हे कर के खूद तो पिघल जाऊँगी
सुबह का सूरज तुम्हारे लिए हैं, मैं हूँ रात ढ़ल जाऊँगी
ऐसा मिलन फिर हो ना हो, सबकुछ मेरा तुम ही तो हो
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