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तुम हो गम को छुपाए, मैं हूँ सर को झुकाए
तुम भी चूप हो , मैं भी चूप हूँ ,कौन किसे समझाए
अब दूरियाँ इतनी हैं तो , मिलना यहा कल हो ना हो
सच हैं के दिल तो दूखा हैं , हम ने मगर सोचा हैं
दिल को हैं गम क्यों , आँख हैं नम क्यों , होना ही था जो हुआ हैं
उस बात को जाने ही दो , जिसका निशां कल हो ना हो
हर पल यहा जी भर जियो, जो हैं समा, कल हो ना हो
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