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कुछ तो हुआ हैं , कुछ हो गया हैं
दो चार दिन से लगता हैं जैसे
सबकुछ अलग हैं , सबकुछ नया हैं
कुछ तो हुआ हैं , कुछ हो गया हैं
चीजें मैं रखके भूल जाती हूँ
बेखयाली में गुनगुनाती हूँ
अब अकेले में मुस्कुराती हूँ
बदली हुई सी मेरी अदा हैं
पिघला पिघला हैं ,दिल मेरा जब से
अच्छा रहता हैं , मूड भी तब से
हसके मिलता हूँ , आजकल सब से
खुश हो गया हैं , जो भी मिला हैं
रंग चमकीले सारे लगते हैं
राह में बिखरे तारें लगते हैं
फूल अब ज्यादा प्यारे लगते हैं
महकी हुई सी जैसे हवा हैं
ध्यान अब अपना ज्यादा रखता हूँ
सोचता हूँ मैं कैसा लगता हूँ
आईना हो तो देख लेता हूँ
कैसे ये चेहरा ऐसा खिला हैं
ये नशा जिस में दोनो रहते हैं
ये लहर जिस में दोनो बहते हैं
हो ना हो इस को प्यार कहते हैं
प्यार मिला तो दिल खो गया हैं
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