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सांसों को सांसों में ढ़लने दो जरा
धीमी सी धडकन को बढ़ने दो जरा
लम्हों की गुजारीश हैं ये पास आ जाए हम, हम तुम , तुम, हम तुम
आँखों में हम को उतरने दो जरा
बाहों में हम को पिघलने दो जरा
लम्हों की गुजारीश हैं ये पास आ जाए हम , हम तुम, तुम, हम तुम
सलवटे कहीं, करवटें कहीं फैल जाए काजल भी तेरा
नजरोंमें हो गुजरता हुआ, ख्वाबों का कोई काफीला
जिस्मों को, रूहों को जलने दो जरा
शरम- ओ-हया को मचलने दो जरा
लम्हों की गुजारीश हैं ये पास आ जाए हम , हम तुम, तुम, हम तुम
छू लो बदन मगर इस तरह जैसे सुरिला साज हो
अंधेरे छुपे तेरी जुल्फ में खोलों की रात आजाद हो
आँचल को सीने से ढ़लने दो जरा
शबनम की बूँदे फिसलने दो जरा
लम्हों की गुजारीश हैं ये पास आ जाए हम , हम तुम, तुम, हम तुम
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