जा जा जा मेरे बचपन, कही जा के छूप नादां ये सफर हैं अब मुश्किल, आने को हैं तूफां जिंदगी को नए, रंग मिलने लगे एक किरन छू गई, फूल खिलने लगे एक कसक हर घडी, दिल में रहने लगी जो के तडपा गई, फिर भी अच्छी लगी