|
नैन तुम्हारे मजेदार, ओ जनाब-ए-आली
हम को तुम से हैं प्यार, ओ जनाब-ए-आली
प्यार किया तुम से क्या हम ने गुनाह किया
आप के इशारों पे खुदको तबाह किया
बनते हैं हम ही गुनहगार, ओ जनाब-ए-आली
आप के चाहे कुछ हो निगाहों पे छा गए
मेरी जिंदगी में बहार बन के आ गए
हम हैं तुम्हारे तलबगार, ओ जनाब-ए-आली
राह में पडे हैं, हुजूर के गुलाम हैं
गीत मेरे सुन लो, वफा के पयाम हैं
हम हैं तुम्हारे ताबेदार ओ जनाब-ए-आली | |