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देखो जी बहार आई, बागों में खिली कलियाँ
आना हैं तो आ जाओ, सुनी हैं मेरी गलियाँ
दुनिया से जो डरते हो, ख्वाबों में चले आओ
दो बोल मोहब्बत के तनहाई में कह जाओ
आ जाओ मना लेंगे, सपनों में रंगरलिया
आना हैं तो आ जाओ सुनी हैं मेरी गलियाँ
हम दिल से तुम्हारे हैं, ये कह भी नही सकते
और तुम से जुदा होकर, हम रह भी नही सकते
तुम बीन आशाओंकी कैसे खिले कलियाँ
आना हैं तो आ जाओ सुनी हैं मेरी गलियाँ
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