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मेरे खयालों की मलिका
मेरे खयालों की मलिका
चारों तरफ तेरी छैय्या
थाम ले आ के बैय्या
आई फुलों के रस में नहाके
लाई भीनी सी खुशबू चुरा के
तेरी आँखों में हैं, हलका सा नशा
तेरा रुप मेरी, नजरों में बसा
जादू, छाया हैं तेरा जादू
काबू दिल पे नही हैं काबू
सपनों की परी, इतना तो बता
रहती हैं कहा, तेरा नाम हैं क्या
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