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अपलम, चपलम
चपलाई रे दुनियाँ को छोड तेरी गली आई रे, आई रे, आई रे
बडा मजबूर किया, हाए तेरे प्यार ने
मार दिया मार दिया, हाए तेरे प्यार ने
अब पछताए दिल, हाए कित जाए दिल
काहे को ये आग लगाई रे, लगाई रे, लगाई रे
तेरा मेरा खेल हैं ये ,प्यार जो मैं जानती
भूल के भी बात कभी, दिल की ना मानती
दिल बेईमान हुआ, देखो जी पराया हुआ
रोए, रोए, जान गवाई रे, गवाई रे, गवाई रे
दगा देनेवाला देखो कैसा दगा दे गया
छोड गया याद और दिल मेरा ले गया
मैने ही कुसूर किया ऐसे को जो दिल दिया
सुदबूद सब बिसराई रे
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