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इन हवाओं में, इन फिजाओं में,
तुझ को मेरा प्यार पूकारे
आजा, आजा रे, तुझ को मेरा प्यार पूकारे
रुक ना पाऊँ मैं, खिंचती आऊँ मैं
दिल को जब दिलदार पूकारे
लौट रही हैं मेरी सदायें, दीवारों से सर टकराके
हाथ पकडकर चलनेवालें, हो गए रुखसत हाथ छुडा के
उनको कुछ भी याद नही हैं, अब कोई सौ बार पूकारे
आजा, आजा रे, तुझ को मेरा प्यार पूकारे
इल्म नही था इतनी जल्दी, खत्म फसाने हो जायेंगे
तुम बेगाने बन जाओगे, हम दीवाने हो जायेंगे
कल बाहोंका हार मिला था, आज अश्कों का हार पूकारे
आजा, आजा रे, तुझ को मेरा प्यार पूकारे
लूट के मेरे दिल की दुनियाँ, प्यार के झूले झूलनेवाले
पत्थर बनकर यूँ चूप क्यों हैं, कुछ तो कह ओ भूलनेवाले
एक पूरानी याद बुलाए, एक टूटा इकरार पूकारे
आजा, आजा रे, तुझ को मेरा प्यार पूकारे
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