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रूठ के हम से कही जब चले जाओगे तुम
ये ना सोचा था कभी, इतने याद आओगे तुम
मै तो ना चला था दो कदम भी तुम बीन
फिर भी मेरा बचपन यही समझा हर दिन
छोड के मुझे भला अब कहा जाओगे तुम
ये ना सोचा था कभी, इतने याद आओगे तुम
बातों कभी हाथों से भी मारा हैं तुम्हें
सदा यही कह के ही पुकारा हैं तुम्हें
क्या कर लोगे मेरा जो बिगड जाओगे तुम
ये ना सोचा था कभी, इतने याद आओगे तुम
देखो मेरे आंसू यही करते हैं पुकार
आओ चले आओ मेरे भाई मेरे यार
पोछने आंसू मेरे क्या नहीं आओगे तुम
ये ना सोचा था कभी, इतने याद आओगे तुम | |