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तू जहा मै वहा, संग संग यूँ चलू तेरे, जैसे तेरा आसमां
जो धुप निकली छाया बन जाऊंगा
जो हो तू अकेली साया बन जाऊंगा
जो उल्झन में हो मन मैं बहलाऊंगा
तुम आ गए हो तो जीना आया हैं
खुशियों का तुम ने यह जाल बिछाया हैं
खोया हैं खुद को या सबकुछ पाया है
तू जहा मै वहा, संग संग यूँ चलू तेरे, जैसे तेरा आसमां
हो गम के बादल मुझ पे थम जाने दे
बेचैनियों को मुझसे टकराने दे
दुखती हो कोई बात मुझ पे आने दे
दिल सोचता था के कोई अपना हो
कोई राज न हो जो उस से रखना हो
आंखें ना खोलू मैं शायद सपना हो
तू जहा मै वहा, संग संग यूँ चलू तेरे, जैसे तेरा आसमां | |