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मेरी सांसो में बसा हैं, तेरा ही एक नाम
तेरी याद हमसफर सुबह शाम
तू मेरे दिन में, रातों में, खामोशी में, बातों में
बादल के हाथों मैं भेजू तुझ को यह पयाम
तेरी याद हमसफर सुबह शाम
आँखों में तसवीर हैं जैसे, तू मेरी तकदीर हैं जैसे
उस दिल से, इस दिल तक आती धडकन की, जंजीर हैं जैसे
ख्वाबों ख्वाबों तू मिले, ना जाने क्या यह सिलसिले
पलकों पर यह प्यार के ना जाने कितने गुल खिले
तेरे ख्वाब सजाते रहना, अब हैं मेरा काम
तेरी याद हमसफर सुबह शाम
फूलों पर, शबनम की नमी हैं, रंगों की महफिल सी जमी हैं
मौसम भी, मंझर भी, मैं भी, कहते हैं बस तेरी कमी हैं
बागों में हम जो मिले, तो गाए सारी कोयलें
महके सारा यह समा, हवायें महकी सी चले
तेरी खुशबू से भर जाए, कलियों के यह जाम
तेरी याद हमसफर सुबह शाम | |