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तौबा तुम्हारे ये इशारे, हम तो दीवाने हैं तुम्हारे
राज ये कैसे खोल रही हो, तुम आँखों से बोल रही हो
जादू आते हैं तुम को सारे
तौबा तुम्हारे ये इशारे, हम तो दीवाने हैं तुम्हारे
छू लेते हो तार जो दिल के, तुम ही बताओ तुम से मिल के
जान-ओ-दिल कोई क्यों ना हारे
जिस्म दमकता जादू जादू, जुल्फ घनेरी खुशबू खुशबू
सांसे हमारी महकी महकी, नजरें तुम्हारी बहकी बहकी
तुम्हारा बदन, हैं जैसे चमन, होश उडा दे ये नजारे
कोई नशा हैं छलका छलका, होश बचा हैं हलका हलका
हम हैं जैसे खोए खोए, जागे लेकिन सोये सोये
मचलती रहो, पिघलती रहो, बाहों के घेरे में हमारें | |