|
तुम को भी हैं खबर, मुझ को भी हैं पता
हो रहा हैं जुदा, दोनों का रास्ता
दूर जा के भी मुझ से, तुम मेरी यादों में रहना
कभी अलविदा ना कहना
जितनी थी खुशियाँ सब खो चुकी हैं
बस एक गम हैं के जाता नहीं
समझा के देखा, बहला के देखा
दिल हैं के चैन इस को आता नहीं
आँसू हैं के हैं अंगारें, आग हैं अब आँखों से बहना
कभी अलविदा ना कहना
रुत आ रही हैं, रुत जा रही हैं
दर्द का मौसम बदला नहीं
रंग ये गम का इतना हैं गहरा
सदियों भी होगा हल्का नहीं
कौन जाने क्या होना हैं
हम को हैं अब क्या क्या सहना
कभी अलविदा ना कहना | |