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लम्हा लम्हा लम्हा जिंदगी हैं
लम्हा लम्हा कल था, आज भी हैं
एक लम्हा हैं तुम्हारा, एक लम्हा हैं हमारा
आओ लम्हों को मिला दे, जिंदगी फिर बना दे
यूँ तो आँखें लाखों सपनें घडी घडी बुनती हैं
दो कदम चलने से राही, मंझिलें बनती हैं
तनहाई हैं, तेरा साथ भी हैं
लम्हा लम्हा लम्हा जिंदगी हैं
रिश्तों की अपनी दुनियाँ हैं, दास्तां हैं
यह समझाना मुश्किल हैं, क्या दरमियाँ हैं
खामोशी हैं लब पे, बात भी हैं
लम्हा लम्हा लम्हा जिंदगी हैं | |