| शैलेन्द्र - Shailendra
मनमोहना बडे झूठे, हार के हार नही माने लता मंगेशकर, शंकर जयकिशन, सीमा (1955)
मंजिल वही हैं प्यार की राही बदल गए सुबीर सेन, शंकर जयकिशन, कठपुतली (1957)
मेरे मन की गंगा और तेरे मन की जमुना का मुकेश, शंकर जयकिशन, संगम (1964)
मुझे तुम से कुछ भी ना चाहीए मुकेश, शंकर जयकिशन, कन्हैया (1959)
ना छेडो कल के अफसाने, करे इस रात की बाते लता मंगेशकर, शंकर जयकिशन, रात और दिन (1967)
नैन मिले चैन कहा, दिल हैं वही तू हैं जहा लता - मन्ना डे, शंकर जयकिशन, बसंत बहार (1956)
ओ बसंती पवन पागल, ना जा रे ना जा, रोको कोई लता मंगेशकर, शंकर जयकिशन, जिस देश में गंगा बहती है (1960)
ओ जानेवाले हो सके तो लौट के आना मुकेश, सचिनदेव बर्मन, बंदिनी (1963)
ओ मेरे सनम, ओ मेरे सनम लता - मुकेश, शंकर जयकिशन, संगम (1964)
ओ सजना बरखा बहार आई लता मंगेशकर, सलील चौधरी, परख (1960)
पिया तोसे नैना लागे रे लता मंगेशकर, सचिनदेव बर्मन, गाईड (1965)
पूछो ना कैसे मैने रैन बिताई मन्ना डे, सचिनदेव बर्मन, मेरी सूरत तेरी आंखें (1963)
प्यार हुआ, इकरार हुआ है लता - मन्ना डे, शंकर जयकिशन, श्री ४२० (1955)
रात के हमसफर, थक के घर को चले आशा - रफी, शंकर जयकिशन, इव्हिनिंग इन पॅरिस (1967)
रात ने क्या क्या ख्वाब दिखाए तलत मेहमूद, सलील चौधरी, एक गांव की कहानी
| |