| शकिल बदायुनी - Shakil Badauni
दो हंसो का जोडा बिछड गयो रे लता मंगेशकर, नौशाद, गंगा जमुना (1961)
दो सितारों का जमींपर हैं मिलन आज की रात लता - रफी, नौशाद, कोहीनूर (1960)
दूर कोई गाए, धून ये सुनाए लता - रफी - शमशाद बेगम, नौशाद, बैजू बावरा (1952)
दुनियाँ बदल गयी, मेरी दुनियाँ बदल गयी नौशाद, बाबूल
दुनियाँ में हम आए हैं तो जीना ही पडेगा लता मंगेशकर, नौशाद, मदर इंडिया (1957)
हमारे दिल से ना जाना, धोखा ना खाना लता मंगेशकर, नौशाद, उडन खटोला (1955)
हम ही से मोहोब्बत, हम ही से लडाई मोहम्मद रफी, नौशाद, लीडर (1964)
हुस्नवाले तेरा जबाब नहीं, कोई तुझसा नहीं हजारों में मोहम्मद रफी, रवी, घराना (1961)
इन्सान बनो कर लो भलाई का कोई काम मोहम्मद रफी, नौशाद, बैजू बावरा (1952)
जब चली थंडी हवा, जब उठी काली घटा आशा भोसले, रवी, दो बदन (1966)
जब जाग उठे अरमान तो कैसे नींद आए हेमंत कुमार, हेमंत कुमार, बिन बादल बरसात (1963)
जानेवाले से मुलाकात ना होने पाई लता मंगेशकर, नौशाद, अमर (1954)
जरा नजरों से कह दो जी, निशाना चूक ना जाए हेमंत कुमार, हेमंत कुमार, बीस साल बाद (1962)
कही दीप जले कही दिल लता मंगेशकर, हेमंत कुमार, बीस साल बाद (1962)
कैसी हसीन आज बहारों की रात हैं रफी - तलत मेहमूद, नौशाद, आदमी (1968)
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