| शकिल बदायुनी - Shakil Badauni
ना आदमी का कोई भरोसा, ना दोस्ती का कोई ठिकाना मोहम्मद रफी, नौशाद, आदमी (1968)
ना जाओ सैय्या, छुडाके बैय्या गीता दत्त, हेमंत कुमार, साहिब बिबी और गुलाम (1962)
न मिलता ग़म तो बरबादी के अफ़साने कहाँ जाते लता मंगेशकर, नौशाद, अमर (1954)
न रो ऐ दिल, कहीं रोने से तक़दीरें बदलती हैं लता मंगेशकर, नौशाद, उडन खटोला (1955)
नसिब में जिस के जो लिखा था मोहम्मद रफी, रवी, दो बदन (1966)
ओ दूर के मुसाफिर, हम को भी साथ ले ले मोहम्मद रफी, नौशाद, उडन खटोला (1955)
ओ दुनिया के रखवाले, सुन दर्द भरे मेरे नाले मोहम्मद रफी, नौशाद, बैजू बावरा (1952)
पंछी बन में पिया पिया गाने लगा लता मंगेशकर, नौशाद, बाबूल
फिर तेरी कहानी याद आई, फिर तेरा फसाना याद आया लता मंगेशकर, नौशाद, दिल दिया दर्द लिया (1966)
पिया ऐसे जिया में समाय गयो रे गीता दत्त, हेमंत कुमार, साहिब बिबी और गुलाम (1962)
प्यार किया तो डरना क्या लता मंगेशकर, नौशाद, मुगल-ए-आझम (1960)
रहा गर्दिशों में हरदम, मेरे इश्क का सितारा मोहम्मद रफी, रवी, दो बदन (1966)
सपने सुहाने लडकपन के, मेरे नैनों में डोले बहार बन के लता मंगेशकर, हेमंत कुमार, बीस साल बाद (1962)
साकीयाँ आज मुझे नींद नहीं आएगी आशा भोसले, हेमंत कुमार, साहिब बिबी और गुलाम (1962)
सुहानी रात ढ़ल चुकी, ना जाने तुम कब आओगे मोहम्मद रफी, नौशाद, दुलारी
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