| शकिल बदायुनी - Shakil Badauni
तेरे हुस्न की क्या तारीफ करु, कुछ कहते हुए भी डरता हूँ लता - रफी, नौशाद, लीडर (1964)
तू गंगा की मौज मैं जमुना का धारा लता - रफी, नौशाद, बैजू बावरा (1952)
तुझे खो दिया हम ने पाने के बाद लता मंगेशकर, नौशाद, आन (1952)
याद में तेरी जाग जाग के हम लता - रफी, नौशाद, मेरे मेहबूब (1963)
जिंदगी देनेवाले सुन, तेरी दुनियाँ से दिल भर गया तलत मेहमूद, दिल-ए-नादान
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