| मजरुह सुलतानपुरी - Majrooh Sultanpuri
कभी आर, कभी पार लागा तीर-ए-नजर शमशाद बेगम, ओ. पी. नय्यर, आर पार (1954)
कभी तो मिलेगी, कही तो मिलेगी लता मंगेशकर, रोशन, आरती (1962)
कही ना जा, आज कही मत जा लता - किशोर, राहुलदेव बर्मन, बडे दिलवाला
कही पे निगाहें कही पे निशाना शमशाद बेगम, ओ. पी. नय्यर, सी. आय. डी. (1956)
काली घटा छाए, मोरा जिया तरसाए आशा भोसले, सचिनदेव बर्मन, सुजाता (1959)
खायी है रे हम ने कसम संग रहने की लता मंगेशकर, सचिनदेव बर्मन, तलाश (1969)
ख्वाब हो तुम या कोई हकिकत, कौन हो तुम बतलाओ किशोर कुमार, सचिनदेव बर्मन, तीन देवियाँ (1965)
कितनी अकेली, कितनी तनहा सी लगी लता मंगेशकर, सचिनदेव बर्मन, तलाश (1969)
कोई आया धडकन कहती है आशा भोसले, सचिनदेव बर्मन, लाजवंती (1958)
कोई हमदम ना रहा, कोई सहारा ना रहा किशोर कुमार, किशोर कुमार, झूमरू
कोई जब राह ना पाए, मेरे संग आए मोहम्मद रफी, लक्ष्मीकांत प्यारेलाल, दोस्ती (1964)
कोई नही हैं, फिर भी हैं मुझ को, क्या जाने किसका इंतजार लता मंगेशकर, लक्ष्मीकांत प्यारेलाल, पत्थर के सनम (1967)
कोई सोने के दिलवाला, कोई चांदी के दिलवाला मोहम्मद रफी, सलील चौधरी, माया
क्या हुआ तेरा वादा, वो कसम, वो इरादा मोहम्मद रफी, राहुलदेव बर्मन, हम किसीसे कम नही (1977)
लागी छूटे ना अब तो सनम लता - रफी, चित्रगुप्त, काली टोपी लाल रुमाल (1959)
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