| तेरे घर के सामने - Tere Ghar Ke Samne (1963)
देखो रुठा ना करो, बात नजरों की सुनो लता - रफी, हसरत जयपुरी, सचिनदेव बर्मन
दिल का भंवर करे पुकार, प्यार का राग सुनो रे मोहम्मद रफी, हसरत जयपुरी, सचिनदेव बर्मन
एक घर बनाऊँगा, तेरे घर के सामने लता - रफी, हसरत जयपुरी, सचिनदेव बर्मन
तू कहा ये बता, इस नशिली तार में मोहम्मद रफी, हसरत जयपुरी, सचिनदेव बर्मन
ये तनहाई, हाए रे हाए, जाने फिर आए ना आए लता मंगेशकर, हसरत जयपुरी, सचिनदेव बर्मन
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