| जमाने को दिखाना है - Zamaane Ko Dikhana Hai (1982)
दिल लेना खेल है दिलदार का राहूलदेव बर्मन, मजरुह सुलतानपुरी, राहुलदेव बर्मन
होगा तुम से प्यारा कौन शैलेंद्र सिंग, मजरुह सुलतानपुरी, राहुलदेव बर्मन
पूछो ना यार क्या हुआ, दिल का करार क्या हुआ आशा - रफी, मजरुह सुलतानपुरी, राहुलदेव बर्मन
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