| चित्रलेखा - Chitralekha (1964)
छा गए बादल नील गगनपर आशा - रफी, साहिर लुधियानवी, रोशन
काहे तरसाए, जियरा आशा - उषा मंगेशकर, साहिर लुधियानवी, रोशन
मन रे तू काहे ना धीर धरे मोहम्मद रफी, साहिर लुधियानवी, रोशन
सखी रे मेरा मन उलझे लता मंगेशकर, साहिर लुधियानवी, रोशन
संसार से भागते फिरते हो लता मंगेशकर, साहिर लुधियानवी, रोशन
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