| निकाह - Nikaah (1982)
बीतें हुए लम्हों की कसक साथ तो होगी महेंद्र कपूर, हसन कमाल, रवी
चुपके चुपके रात दिन आँसू बहाना याद हैं गुलाम अली,
दिल के अरमां आसूओं में बह गए सलमा आगा, हसन कमाल, रवी
दिल की ये आरजू थी कोई दिलरुबा मिले सलमा आगा - महेंद्र कपूर, हसन कमाल, रवी
फजा भी है जवाँ जवाँ, हवा भी है रवाँ रवाँ सलमा आगा, हसन कमाल, रवी
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