| आदमी - Aadmi (1968)
आज पूरानी राहों से, कोई मुझे आवाज ना दे मोहम्मद रफी, शकिल बदायुनी, नौशाद
कैसी हसीन आज बहारों की रात हैं रफी - तलत मेहमूद, शकिल बदायुनी, नौशाद
कल के सपने आज भी आना लता मंगेशकर, शकिल बदायुनी, नौशाद
कारी बदरीयाँ, मारे लहरीयाँ, मोरा जियरा उडा जाए रे लता मंगेशकर, शकिल बदायुनी, नौशाद
मैं टूटी हुई एक नैय्या हूँ मोहम्मद रफी, शकिल बदायुनी, नौशाद
ना आदमी का कोई भरोसा, ना दोस्ती का कोई ठिकाना मोहम्मद रफी, शकिल बदायुनी, नौशाद
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