| मेरे हमदम मेरे दोस्त - Mere Humdum Mere Dost (1968)
छलकाए जाम, आईए आप की आँखों के नाम मोहम्मद रफी, मजरुह सुलतानपुरी, लक्ष्मीकांत प्यारेलाल
चलो सजना जहा तक घटा चले लता मंगेशकर, मजरुह सुलतानपुरी, लक्ष्मीकांत प्यारेलाल
हुई शाम उनका खयाल आ गया मोहम्मद रफी, मजरुह सुलतानपुरी, लक्ष्मीकांत प्यारेलाल
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