| घर - Ghar (1978)
आज कल पाँव जमींपर नहीं पडते मेरे लता मंगेशकर, गुलजार, राहुलदेव बर्मन
आप की आँखों में कुछ महके हुए से राज है लता - किशोर, गुलजार, राहुलदेव बर्मन
फिर वही रात है, फिर वही रात है ख्वाब की किशोर कुमार, गुलजार, राहुलदेव बर्मन
तेरे बीना जिया जाए ना लता मंगेशकर, गुलजार, राहुलदेव बर्मन
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