| जगजीत सिंग - Jagjit Singh
आओ मिल जाए हम सुगंध और सुमन की तरह इंदिवर, अनुराधा पौडवाल - सुरेश वाडकर, प्रेम गीत (1981)
देख लो आवाज देकर पास अपने पाओगे इंदिवर, अनुराधा पौडवाल, प्रेम गीत (1981)
होठों से छू लो तुम, मेरा गीत अमर कर दो इंदिवर, जगजीत सिंग, प्रेम गीत (1981)
झूकीं झूकीं सी नजर बेकरार है के नहीं कैफी आझमी, जगजीत सिंग, अर्थ (1983)
कोई ये कैसे बताए के वो तनहा क्यों है कैफी आझमी, जगजीत सिंग, अर्थ (1983)
तू नहीं तो जिंदगी में और क्या रह जाएगा इफ्तिखार इमाम सिद्दीकी, चित्रा सिंग, अर्थ (1983)
तुम इतना जो, मुस्कुरा रहे हो कैफी आझमी, जगजीत सिंग, अर्थ (1983)
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