| रोशन - Roshan
कभी तो मिलेगी, कही तो मिलेगी मजरुह सुलतानपुरी, लता मंगेशकर, आरती (1962)
काहे तरसाए, जियरा साहिर लुधियानवी, आशा - उषा मंगेशकर, चित्रलेखा (1964)
खयालों में किसी के इस तरह आया नही करते बावरे नैन (1950)
महलों का राजा मिला के रानी बेटी राज करेगी लता मंगेशकर, अनोखी रात (1968)
मैं दिल हूँ एक अरमान भरा राजेन्द्र कृष्ण, तलत मेहमूद, अनहोनी
मैने शायद तुम्हे पहले कही देखा हैं साहिर लुधियानवी, मोहम्मद रफी, बरसात की रात
मन रे तू काहे ना धीर धरे साहिर लुधियानवी, मोहम्मद रफी, चित्रलेखा (1964)
मिले ना फूल तो, काटों से दोस्ती कर ली इंदिवर, मोहम्मद रफी, अनोखी रात (1968)
मुझे मिल गया बहाना तेरी दिद का साहिर लुधियानवी, लता मंगेशकर, बरसात की रात
निगाहें मिलाने को जी चाहता हैं साहिर लुधियानवी, आशा भोसले, दिल ही तो है (1963)
ओह रे ताल मिले नदी के जल में इंदिवर, मुकेश, अनोखी रात (1968)
पाँव छू लेने दो फूलों को इनायत होगी साहिर लुधियानवी, लता - रफी, ताज महल (1963)
रहे ना रहे हम, महका करेंगे मजरुह सुलतानपुरी, लता मंगेशकर, ममता (1966)
रहते थे कभी जिन के दिल में, हम जान से भी प्यारों की तरह मजरुह सुलतानपुरी, लता मंगेशकर, ममता (1966)
सखी रे मेरा मन उलझे साहिर लुधियानवी, लता मंगेशकर, चित्रलेखा (1964)
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