| ईस्माइल दरबार - Ismail Darbar
आँखों की गुस्ताखियाँ माफ हो मेहबूब, कविता कृष्णमुर्ती - कुमार सानू, हम दिल दे चुके सनम (1999)
ऐ चांद तेरे चांदनी की कसम, मेरे पास भी एक चांद है अलका याज्ञिक - सोनू निगम, तेरा जादू चल गया (2000)
चाँद छूपा बादल में, शरमा के मेरी जाना अलका याज्ञिक - उदित नारायण, हम दिल दे चुके सनम (1999)
हमेशा तुम को चाहा, और चाहा कुछ भी नहीं नुसरत बद्र, कविता कृष्णमुर्ती - उदित नारायण, देवदास (2002)
हम दिल दे चुके सनम हम दिल दे चुके सनम (1999)
झोंका हवा का आज भी, जुल्फें उडाता होगा ना हम दिल दे चुके सनम (1999)
सिलसिला यह चाहत का, ना मैंने बुझने दिया नुसरत बद्र, श्रेया घोषल, देवदास (2002)
तडप तडप के इस दिल से आह निकलती रही हम दिल दे चुके सनम (1999)
वो चांद जैसी लडकी इस दिल पे छा रही हैं नुसरत बद्र, उदित नारायण, देवदास (2002)
| |