| कविता कृष्णमुर्ती - Kavitha Krishnamurthi
दिल ने कहा चूपके से, ये क्या हुआ चुपके से जावेद अख्तर, राहुलदेव बर्मन, १९४२ अ लव्ह स्टोरी (1995)
हमारी ही मुठ्ठी में आकाश सारा, जब भी खुलेगी चमकेगा तारा लक्ष्मीकांत प्यारेलाल, प्रहार (1991)
ये दिल सुन रहा है, तेरे दिल की जुबाँ मजरुह सुलतानपुरी, जतिन - ललित, खामोशी - द म्युझिकल (1996)
| |