| शैलेंद्र सिंग - Shailendra Singh
गूँचे लगे हैं कहने, फूलों से भी सुना हैं तराना प्यार का रविन्द्र जैन, राम लक्ष्मण, तराना (1979)
होगा तुम से प्यारा कौन मजरुह सुलतानपुरी, राहुलदेव बर्मन, जमाने को दिखाना है (1982)
हम ने तुम को देखा, तुम ने हम को देखा, ऐसे गुलशन बावरा, राहुलदेव बर्मन, खेल खेल में (1975)
मै शायर तो नही, मगर ऐ हसीं आनंद बक्षी, लक्ष्मीकांत प्यारेलाल, बॉबी (1973)
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