| मोहम्मद रफी - Mohammad Rafi
सुहानी रात ढ़ल चुकी, ना जाने तुम कब आओगे शकिल बदायुनी, नौशाद, दुलारी
सुख के सब साथी, दुख में ना कोई राजेन्द्र कृष्ण, कल्याणजी आनंदजी, गोपी (1970)
तकदीर का फसाना जा कर किसे सुनाए हसरत जयपुरी, रामलाल, सेहरा (1963)
तेरे मेरे सपने, अब एक रंग है शैलेन्द्र, सचिनदेव बर्मन, गाईड (1965)
तेरी आँखों के सिवा दुनियाँ में रखा क्या हैं मजरुह सुलतानपुरी, रोशन, चिराग (1969)
तेरी गलियों में ना रखेंगे कदम आज के बाद सावन कुमार, उषा खन्ना, हवस (1974)
तेरी जुल्फों से जुदाई तो नहीं मांगी थी हसरत जयपुरी, शंकर जयकिशन, जब प्यार किसी से होता है (1961)
टूटे हुए ख्वाबों ने हम को ये सिखाया है शैलेन्द्र, सलील चौधरी, मधुमती (1958)
तू इस तरह से मेरी जिंदगी में शामिल हैं उषा खन्ना, आप तो ऐसे ना थे (1980)
तू कहा ये बता, इस नशिली तार में हसरत जयपुरी, सचिनदेव बर्मन, तेरे घर के सामने (1963)
तू मेरे सामने हैं, तेरी जुल्फें हैं खुली हसरत जयपुरी, मदन मोहन, सुहागन
तुझे क्या सुनाऊँ मैं दिलरुबा, तेरे सामने मेरा हाल हैं मजरुह सुलतानपुरी, मदन मोहन, आंखरी दांव (1958)
तुम बीना जाऊँ कहा, के दुनियाँ में आके मजरुह सुलतानपुरी, राहुलदेव बर्मन, प्यार का मौसम (1969)
तुम जो मिल गए हो, तो ये लगता है कैफी आझमी, मदन मोहन, हंसते जख्म (1973)
तुम मुझे यूँ भूला ना पाओगे हसरत जयपुरी, शंकर जयकिशन, पगला कही का (1970)
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