| लता मंगेशकर - Lata Mangeshkar
सावन के झूले पडे, तुम चले आओ आनंद बक्षी, राहुलदेव बर्मन, जुर्माना
शाम हुई चढ आई रे बदरीयाँ राजेश रोशन, आखिर क्यों (1985)
शर्म आती हैं मगर, आज ये कहना होगा राजेन्द्र कृष्ण, राहुलदेव बर्मन, पडोसन (1968)
शीशा हो या दिल हो आखिर टूट जाता हैं आनंद बक्षी, लक्ष्मीकांत प्यारेलाल, आशा (1980)
सिली हवा छू गयी, सिला बदन छिल गया गुलजार, राहुलदेव बर्मन, लिबास (1988)
सुन री पवन, पवन पुरवैय्या आनंद बक्षी, सचिनदेव बर्मन, अनुराग (1972)
सुनो सजना पपीहे ने कहा सब से पूकार के आनंद बक्षी, लक्ष्मीकांत प्यारेलाल, आये दिन बहार के (1966)
सुनते थे नाम हम जिनका बहार से हसरत जयपुरी, शंकर जयकिशन, आह (1953)
तडप ये दिन रात की, कसक ये बिन बात की शंकर जयकिशन, आम्रपाली (1966)
तकदीर का फसाना, जा कर किसे सुनाए रामलाल, सेहरा (1963)
तेरा जलवा जिसने देखा, वो तेरा हो गया हसरत जयपुरी, शंकर जयकिशन, उजाला (1959)
तेरा जाना, दिल के अरमानों का लूट जाना शैलेन्द्र, शंकर जयकिशन, अनाडी (1959)
तेरा मेरा प्यार अमर, फिर क्यों मुझको लगता हैं डर शैलेन्द्र, शंकर जयकिशन, असली नकली (1962)
तेरा मेरा साथ रहे रविन्द्र जैन, रविन्द्र जैन, सौदागर (1973)
तेरा साथ है तो, मुझे क्या कमी है संतोष आनंद, लक्ष्मीकांत प्यारेलाल, प्यासा सावन (1981)
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